Make In India In Hindi Essay In Hindi

मेक इन इंडिया अभियान


‘मेक इन इंडिया’ भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार का प्रमुख अभियान है, जिसे घरेलू विनिर्माण उद्योग को बढ़ावा देने और विदेशी निवेशकों को भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेश के लिए आकर्षित करने के लिए शुरु किया गया। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर दिए अपने पहले भाषण में इस अभियान का उल्लेख किया था और लगभग एक महीने बाद सितंबर 2014 में इसे शुरु भी कर दिया। इसे शुरु करने का उद्देश्य भारत से बाहर जा रहे ज्यादातर उद्यमियों को रोकने के लिए भारत के प्रमुख क्षेत्रों में निर्माण व्यवसायों को पुनर्जीवित करना था।

मेक इन इंडिया विज़न
वर्तमान में देश के सकल घरेलू उत्पाद में विनिर्माण का योगदान 15 प्रतिशत है। इस अभियान का लक्ष्य एशिया के अन्य विकासशील देशों की तरह इस योगदान को बढ़ाकर 25 प्रतिशत करना है। इस प्रक्रिया में सरकार को उम्मीद है कि ज्यादा से ज्यादा रोजगार उत्पन्न होगा, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित होगा और भारत को विनिमार्ण केंद्र में तब्दील किया जा सकेगा।

मेक इन इंडिया अभियान का ‘लोगो’ एक खूबसूरत शेर है जो अशोक चक्र से प्रेरित है और भारत की हर क्षेत्र में सफलता दर्शाता है। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सन् 1916 में जन्में प्रसिद्ध देशभक्त, दार्शनिक और राजनीतिक व्यक्तित्व पंडित दीनदयाल उपाध्याय को समर्पित किया।

प्रधानमंत्री क्यों चाहते हैं मेक इन इंडिया?
प्रधानमंत्री ने इस अभियान से जुड़े सभी लोगों को, खासकर उद्यमियों और कंपनियों को बुलाया और उन्हें आगे आने और भारतीय नागरिक के रुप में ‘फस्र्ट डेवलेपिंग इंडिया’ के माध्यम से अपने कर्तव्यों का पालन करने और निवेशकों को देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने यह भी वादा किया कि प्रशासन निवेशकों को भारत में एक सुखद अनुभव देगा और उनकी सरकार देश के समग्र विकास को विश्वास की वस्तु के तौर पर लेगी ना कि राजनीतिक एजेंडे की तरह। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ को बेहतर बनाने के लिए ‘डिजिटल इंडिया’ की भी मजबूत नींव रखी। उन्होंने रोजगार पैदा करने और गरीबी हटाने पर भी जोर दिया जिससे इस अभियान को सफलता मिल सके।

शुभारंभ समारोह
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’ को 25 सितंबर 2014 को शुरु किया। यह दिन ज्यादा से ज्यादा फायदा लेने के लिए चुना गया। पूरी तरह से स्वदेशी तौर पर निर्मित और कम लागत वाले मंगलयान की सफल प्रविष्टि ने भारत की निर्माण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में कम से कम लागत में सफलता पर प्रकाश डाला। यह प्रधानमंत्री की पहली अमेरिका यात्रा से सिर्फ एक दिन पहले था। निवेश के लक्ष्य के तौर पर भारत का आकषर्ण बढ़ाने के लिए इस अभियान के लाॅन्च का समारोह दिल्ली के विज्ञान भवन में रखा गया। पूरा हाॅल मेहमानों से भरा था, कई लोगों को तो बैठने के लिए कुर्सी भी नहीं मिल पाई। 30 देशों की 3000 प्रमुख कंपनियों के सीईओ और उद्यमियों को इस समारोह में आने का न्यौता भेजा गया था।

विधि मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद और वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमन भी इस अवसर पर मौजूद थे। इनके अलावा देश की बड़ी कार्पोरेट कंपनियों के प्रमुखों ने भी इस समारोह को संबोधित किया। इनमें टाटा संस के अध्यक्ष साइरस मिस्त्री, मारुति सुजुकी इंडिया के एमडी और सीईओ श्री केनिची अयुकावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष और एमडी श्री मुकेश अंबानी, विप्रो के अध्यक्ष अजीम प्रेमजी, आदित्य बिड़ला ग्रुप के अध्यक्ष के एम बिड़ला, आईसीआईसीआई बैंक की एमडी और सीईओ चंदा कोचर, लाॅकहीड मार्टिन के सीईओ फिल शाॅ और आईटीसी के अध्यक्ष वाई सी देवेश्वर शामिल थे।

फोकस वाले क्षेत्र
‘मेक इन इंडिया’ अभियान के लिए सरकार ने प्राथमिकता वाले 25 क्षेत्र चिन्हित किये हैं जिन्हें प्रोत्साहन दिया जाएगा। इन क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और संभावना सबसे अधिक है और भारत सरकार द्वारा भी निवेश को बढ़ाया जाएगा। अभियान के शुभारंभ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इन क्षेत्रों में विकास से पूरी दुनिया आसानी से एशिया, खासकर भारत में आ सकती है। विशेषकर भारत इसलिए क्योंकि यहां की लोकतांत्रिक स्थितियां और विनिर्माण की श्रेष्ठता इसे निवेश का सबसे अच्छा स्थान बनाती हैं। वह भी प्रशासन के प्रभावी प्रशासनिक इरादों के साथ।

  • आॅटोमोबाइल
  • फूड प्रोसेसिंग
  • अक्षय उर्जा
  • आॅटोमोबाइल कंपोनेंट
  • आईटी और बीपीएम
  • सड़क और राजमार्ग
  • एविएशन
  • चमड़ा
  • अंतरिक्ष
  • जैव प्रौद्योगिकी
  • मीडिया और मनोरंजन
  • कपड़ा और वस्त्र
  • केमिकल
  • खनन
  • थर्मल पावर
  • निर्माण
  • तेल और गैस
  • पर्यटन और हाॅस्पिटेलिटी
  • रक्षा विनिर्माण
  • फार्मास्यूटिकल्स
  • कल्याण
  • इलेक्ट्रिकल मशीनरी
  • बंदरगाह
  • इलेक्ट्राॅनिक प्रणाली
  • रेलवे

‘मेक इन इंडिया’ के फायदे और नुकसान
भारत प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध देश है। यहां देश में शिक्षित वर्ग में काफी बेरोजगारी होते हुए भी कुशल श्रमिक आसानी से उपलब्ध हैं। एशिया के आउटसोर्सिंग हब के रुप में विकसित होने के साथ ही भारत जल्दी ही विश्व के ज्यादातर निवेशकों के लिए पसंदीदा विनिर्माण लक्ष्य बनता जा रहा है। ‘मेक इन इंडिया’ भारत सरकार का भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का प्रयास है।

‘आसान व्यापार करने के सूचकांक’ में भारत का स्थान बहुत नीचे है। देश के श्रम कानून ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के लिए सहायक नहीं हैं। भारत में निवेश और विनिर्माण के लिए सब जगह इन कारणों को एक नुकसान के रुप देखा जाता है।

भारत में कंपनियां विनिर्माण क्यों नहीं करतीं?
‘मेक इन इंडिया’ अभियान चीन के ‘मेक इन चाईना’ का परस्पर प्रतियोगी है। ‘मेक इन चाईना’ ने पिछले एक दशक में काफी रफ्तार पकड़ी है। आउटसोर्सिंग, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में चीन भारत का प्रमुख प्रतिद्वंदी है। विनिर्माण का केंद्र बनने में भारत का खराब बुनियादी ढ़ांचा और खराब संचालन व्यवस्था सबसे बड़ी बाधा है। पिछली सरकारों का नौकरशाही नजरिया, मजबूत परिवहन की कमी और बड़े पैमाने पर फैला भ्रष्टाचार निर्माताओं के लिए समय पर उत्पादन करना मुश्किल करता है। मोदी सरकार ने इन सब बाधाओं को दूर करने का वादा किया है जिससे निवेशकों के लिए यहां उद्योग स्थापित करना आसान हो।

‘मेक इन इंडिया’ वेबसाइट
भारत में निवेश की जानकारी के लिए रंगीन ब्रोशर के अलावा सरकार ने इस अभियान के लिए एक वेबसाइट भी बनाई है। ‘मेक इन इंडिया’ वेबसाइट 25 क्षेत्रों को उनके आंकड़ों, विकास के कारकों, हर एक क्षेत्र में निवेश के लिए अनुकूल नीतियों, सरकारी सहायता और निवेशकों के लिए अवसरों को हाइलाइट करती है। इसके अलावा उन्हें लाइव परियोजनाएं दिखाना और पूछे गए प्रश्नों का जवाब भी देती है। अभियान के लिए वेबसाइट सोशल मीडिया जैसे ट्विटर, फेसबुक, गूगल प्लस और यू ट्यूब लिंक जोड़ती है।

आलोचना और चिंता
राजग सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान से अक्टूबर 2014 तक 2,000 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव आ चुके थे। इस अभियान को काफी आलोचना भी मिली है। इसकी सबसे ज्यादा आलोचना सत्ताधारी सरकार के खिलाफ हुई है। ये महसूस किया गया कि ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की सफलता के लिए जरुरी श्रम सुधारों और नीतिगत सुधारों को अमल में नहीं लाया गया है। नोकिया इंडिया जैसी कंपनियों में छंटनी जैसी घटनाओं से इस तरह के अभियान पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। प्रौद्योगिकी आधारित कंपनियां इस अभियान से खासी प्रभावित नहीं हैं और अब भी अपने कंपोनेंट्स का निर्माण चीन में करवा रही हैं।

अभियान का नाम: मेक इन इंडिया
लाॅन्च की तारीख: 25 सितंबर 2014
किसने लाॅन्च किया: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने
क्षेत्रों की संख्या: 25
निवेश प्रस्ताव: 9 अक्टूबर 2014 तक 2,000 करोड़ रुपये

अंतिम संशोधन : नवंबर 12, 2014




क्या आप डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के बारे में जानते हैं?
आखिर ये डिजिटल इंडिया क्या है?
क्या आप डिजिटल इंडिया परनिबंध या Essay हिंदी में लिखना चाहते हैं

अगर हाँ, तो आप सही जगह पे हैं| हमारे इस आर्टिकल से आप बच्चों की स्कूल में दिए जाते डिजिटल इंडिया पर निबंध या ऐसे भी लिख सकते हैं| तो ये रहा डिजिटल इंडिया (Hindi) पर निबंध|
आइए जानते हें की डिजिटल इंडिया क्या है और डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के विभिन्न फायदे |

विषय सूचि

डिजिटल इंडिया पर निबंध इन हिंदी : (Essay on Digital India 500 words in Hindi)

दोस्तों, निचे नीले रंग में दिया हुआ अंश “डिजिटल इंडिया पर निबन्ध या भाषण” है|
इसका आप ज्यों का त्यों अपने भाषण या निबंध में इस्तेमाल करें| इस विषय में अधिक जानकारी के लिए नीले अंश के निचे डिजिटल इंडिया व अभियान व प्रोजेक्ट के बारे में कई रोचक तथ्य दिए गए हें | उन्हें पढना मत भूलिए|

डिजिटल इंडिया मोदी सरकार द्वारा एक छत्र अभियान है जिसके अंतर्गत बहोत सारे अभियानों का आरम्भ करना सरकार का मूल उद्देश्य है| डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट भारत के बर्तमान सरकार (मोदी सरकार) द्वारा 2 जुलाई 2015 को शुरू किया गया था| इस अभियान का जस्न पूरा एक सप्ताह तक किया गया जिसे “डिजिटल वीक” कहा जा रहा  हें|

डिजिटल इंडिया योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया है| इस अवसर पर देश की कई बड़ी बिजनेस मैन और अन्य जानी मानी हस्तियाँ मौजूद थे| जैसे की, रिलायंस कंपनी की अध्यक्ष मुकेश अम्बानी, देश की टेलिकॉम मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद , आदि| इस अवसर पर मोदी जी ने अपने भाषण में देश को डिजिटल बनाने के फायदे के बारे में विस्तार से बताया था|

डिजिटल इंडिया योजना के सफलता के लिए देश की बड़ी बड़ी कंपनियों ने काफि खर्च किया हुआ है| इस योजना की अब तक की लागत करीब 4.5 लाख करोड़ की आंकड़े छु चुकी है| सरकार के अनुमान डिजिटल इंडिया योजना करीब 18 लाख  नई नौकरियों को जन्म देगा| इससे देश में पनपती बेरोजगारी कुछ हद तक घटेगी| ये अभियान अपने साथ साथ काफी और छोटे छोटे अभियानों को साथ लाया है जिससे की देश की कई क्षेत्र में सुधार की उम्मीद है|  

मोदी जी के कहेनुसार वह दिन दूर नहीं जब डिजिटल इंडिया के कारण पूरा विश्व में भारत की एक अलग पहचान होगी| विश्व की कोई ऐसा देश नहीं होगा जिसे भारत की कभी जरुरत ही नहीं होगी| भारत मदद लेने वाले देशों से मदद देने वाले देशों मे गिणा जाएगा| 

डिजिटल इंडिया अभियान से देश की नौजवानों को भी काफी मदद मिलेगी| आज कल पूरे देश में स्टार्ट अप शुरू करने में देश की नौजवानों को डिजिटल इंडिया से काफी मदद मिलेगी| ये नई तकनीकों और सरलता को जन्म देगी| नई नौकरियां भी अपने आप उत्पन्न होने लगेगी|

डिजिटल इंडिया से देश की आर्थिक अवस्था में भी काफी सुधार आने की आशा है| देश को बाहरी राज्यों और देशों से कई प्रकार की चीजों और सामानों का इम्पोर्ट करना पड़ता है| लेकिन अब डिजिटल इंडिया से काफी मात्रा में नई स्टार्ट अप खोले जाएंगे, जिससे की लगभग सारी चीजों का हमारे देश में ही प्रोडक्शन हो पायेगा| इससे देश में नौकरियां के साथ साथ कमाई भी बढेगी| और देश की आर्थिक अवस्था में सुधार होगी|

डिजिटल इंडिया काफी सोची और समझी हुई ख्याल है जिससे पूरा देश उपकृत होगा, और पुरे विश्व के लिए एक उदाहरण बनेगा| तो’आईए हम सब भी देश की डिजिटल इंडिया अभियान को सफल होने में अपना पूरा योगदान दे| 

                                                                         धन्यवाद !!

डिजिटल भारत या डिजिटल इंडिया के बारे में जानकारी:

आज के इस व्यस्त जीवन में सब कुछ बदलता है | हमारे खाने पिने से हमारे काम करने के अंदाज़ भी समय के साथ साथ बदलते हें|  ऐसी ही  कुछ बदलाव हमने अपने देश में भी पाया है |

जी हाँ, हम बात कर रहे देश में डिजिटल इंडिया से बदलाव के बारे में | डिजिटल इंडिया देश में एक क्रांति लेके आया है  जो कि हर काम में स्वच्चाता और सरलता लाने में एक महान अस्त्र है| डिजिटल इंडिया का मिशन देश के हर कार्य को इलेक्ट्रानिकली करना है | चाहे वह जमीन की रिकॉर्ड हो, या फिर सरकारी कर्मचारियों की वेतन का हिसाब| डिजिटल इंडिया का मकसद देश की हर रिकॉर्ड  को इलेक्ट्रानिकली सुरखित रखने का है |

अगस्त 2014 के चुनाव के तुरंत बाद से ही मोदी की सरकार ने डिजिटल इंडिया का फैसला कर लिया था, और करीब एक साल की कड़ी तय्यारी के बाद इसका लांच किया गया|

डिजिटल इंडिया क्या है? What Is Digital India?

डिजिटल इंडिया भारत सरकार द्वारा आरम्भ किया हुआ एक महत्वाकांक्षि कार्यक्रम है जिसका मूल उद्देश्य देश के हर विभाग व रिकॉर्ड को एक ही कड़ी से जुड़ना है | और वह कड़ी है देश की इलेक्ट्रॉनिक डाटा सिस्टम की कड़ी जो की काम की गति को बढाने में मददगार है |

डिजिटल इंडिया वह कार्यक्रम है जो की देश को एक डिजिटली शसक्ति सोसाईटी में तब्दील कर सके और भारत को एक नया रूप दे सके| डिजिटल इंडिया कार्यक्रम से देश की हर जानकारी और रिकॉर्ड को स्वछता से इलेक्ट्रॉनिक मोड में रखा जा रहा है जो की आगे काम में सरलता के साथ साथ तेज रफ़्तार भी लाएगा |

डिजिटल इंडिया की शुरुआत: किसने और कब शुरू किया डिजिटल भारत अभियान? Launch of Digital India:

डिजिटल इंडिया की सुरुवात दिल्ली के इंदिरा गाँधी इंडोर स्टेडियम में 1 जुलाई 2015 को देश के प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा कई बड़े बड़े हस्तियों की उपस्तिथि में हुआ था| इस पहल के सुभारम्भ समारोह में विभिन्न उद्योगपतिओं जैसे की टाटा ग्रुप के तब के अध्यक्ष साइरस मिस्त्री, आर.आई.एल अध्यक्ष मुकेश अम्बानी, विप्रो के अजीम प्रेमजी मौजूद थे | इस प्रोग्राम की शुरुवात ख़बरों में काफी छाई| लोगों के मन में नए नौकरी और काम करने के तरीके में बदलाव के काफी आस जागने लगे|

डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के मुख्य उद्देश्य : Aim of Digital India in Hindi

डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट मोदी सरकार द्वारा आरम्भ किया हुआ एक एहम प्रोजेक्ट है जो की देश के हर विभाग को इलेक्ट्रानिकली जुड़ता है | इस कार्यक्रम से देश की करीब 2.5 लाख पंचायतों के समेत 6 लाख गाँव को ब्रॉडबैंड से जोड़ने का लख्य है| सरकार ने इस लख्य को 2017 के अंत तक हासिल करने का लख्य रखा है|

डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट का उद्देश्य देश की डाटा को इलेक्ट्रॉनिक मोड में रखना है जिससे की देश की संपत्ति की चोरी होने का संभावना कम हो जायेगा |

आज कल देश में सरकार द्वारा विभिन्न स्कीम चलाया जा रहा है| इन स्कीमों के तहत गरीब और जरुरत लोगों को विभिन्न मदद प्रदान किया जाता है| लेकिन असल में ये स्कीमों को सही जन तक पहुंचाया ही नहीं जाता है, और बिच में ही स्कीम के अनुसार अयोग्य लोग इसका फाईदा उठा लेते थे|

इस तरह की लोभ और अनैतिक कार्यीं को रोकने के लिए सरकार ने डिजिटल पैमेंट और डिजिटल प्रोग्राम का आरम्भ किया | डिजिटल पैमेंट का उद्देश्य सही लोग तक उनके हक़ को पहुंचाना भी है|

प्रधान मंत्री मोदी जी चाहते हें की डिजिटल इंडिया का लाभ हर कोई उठाये| इससे देश की कृषि क्षेत्र भी लाभ पाता है| कृषि उत्पादन, मुद्रा संबधि विवरण और बिक्री मूल्यों का पता लगा के कृषि क्षेत्र में अधिक कमाई किया जा सकता है|

इस मुहीम का लक्ष देश से कागज़ कार्यवाही को हटाना है जिससे की देश की लाखों रुपये खर्च होने के साथ साथ अनियमितता भी पनपता है|

अगले चार साल के अन्दर ढाई लाख पंचायतों को ब्रॉडबैंड से जोड़े जाने की लक्ष रख सरकार ने अपनी तैयारी भी शुरू कर ली है| सरकार की सारी योजनायें और नियम अब हर किसी के स्मार्ट फ़ोन में होगी| लेकिन भारत देश में करीब 90 करोड़ लोगों की पहुँच इन्टरनेट तक नहीं होने के कारण, सरकार ने डिजिटल साक्षरता के प्रोग्राम को भी आरम्भ कर दिया है|

गाँव गाँव में डिजिटल ईंडिया की बारे में और डिजिटल ईंडिया के महत्व व लाभ के बारे में देश के नागरिकों को बताया जायेगा| पुरे देश में डिजिटल ईंडिया की एक लहर छाया जाएगा ताकि देश की तकनिकी सुविधाओं से कोई भी देशवाशी बंचित न रहे|

डिजिटल इंडिया के लाभ व फाईदा:  Advantages Of Digital IndiaMission in Hindi:

डिजिटल ईंडिया कार्यक्रम के अनेक लाभ और गूण हें | डिजिटल ईंडिया से हर व्यक्ति की जिंदगी में एक बदलाव आया है | डिजिटल इंडिया के फायदे अनेक हें | अगर सरकार की इस मुहीम को हम सब मिल के और मदद करें तो ये प्रोजेक्ट हमें अपनी जिंदगी में एक वरदान के रूप में वापस मदद करेगा| डिजिटल इंडिया प्रोग्राम से हर व्यक्ति और सरकारी बेसरकारी कार्यालयों में समय की बचत हो रहा  है |

  1. डिजिटल इंडिया प्रोग्राम से सही जण को उसका सही लाभ मिल रहा  है |
  2. डिजिटल इंडिया प्रोग्राम से रिश्वत की आदत को जड़ से मिटाने में एक प्रकार की मदद हो रहा है|
  3. डिजिटल इंडिया प्रोग्राम से कागज़ कार्यवाही में बेकार की खर्च में कमी नज़र आ रही है |
  4. डिजिटल इंडिया प्रोग्राम से हर चीज़ का सही सूचना लोगों तक पहुँच रहा है|
  5. डिजिटल इंडिया प्रोग्राम से देश में हो रही विभिन्न मुहीम की जानकारी पाने में सरलता दिख रही है|
  6.  डिजिटल इंडिया प्रोग्राम से एक स्वच्छ और सत्य भारत का निर्माण हो रहा है |

डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट एक ऐसी मुहीम है जो की सेवा प्रदाता और उपभोक्ता दोनों को फाईदा पहुंचाता है |

देश में हाल ही में डीमोनेटाईसेसन व वीमुद्रिकरण लागू होने के बाद से लोगों में डिजिटल इंडिया की काफी ज्यादा आग्रह देखने को मिल रहा है| लोग आज कल अपना हर खरीद और बिक्री को कैशलेश करना पसंद कर रहे हें| छोटे छोटे व्यापारियों से लेकर बड़ी दुकानों में भी आज कल लगभग हर खरीद पे- टिएम, जैसे कंपनियों के कैश्लेश तरीकों से की जा रही है|

डिजिटल पेमेंट और डिजिटल सुरक्षा का एक माहोल पुरे देश में छाया हुआ है | पे-टीएम्, मोबिक्विक जैसे कंपनियां सरकार की डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के प्रमोशन में काफी मददगार साबित हुए हें| आज लगभग पूरा देश इन कंपनियों कि डिजिटल  पैमेंट के तरीके को अपना के देश को डिजिटल बना रहे हें | छोटे से लेकर बड़े व्यापारियों को भी ग्राहकों कि सुविधा के लिए इस तरह के पैमेंट और कैशलेश तरीकों को अपनाना पड़ा| देखते ही देखते एक साल से भी कम वक़्त (विमुद्राकरण के वक़्त से) में देश की जनता ने अपना कारोबार ऑनलाइन करना पसंद करने लगे|

सरकार ने नोटबंदि के बाद कैशलेश पैमेंट के तरीकों को अपनाने के लिए पुरे देश से अनुरोध किया| देश में कैशलेश को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा एक स्वतंत्र एप्प का आरम्भ किया गया जो की  लोग आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं| इस एप्प का नाम भीम एप्प रखा गया|

डिजिटल ईंडिया ने देश भर में कई नौकरियां और रोज़गार भी प्रदान किया है| सरकार ने देश में तकनिकी सुधार और नयी तकनीकों के लांच के कार्य में कई युवाओं को नौकरियां प्रदान करी|

डिजिटल इंडिया के हानि या नुक्सान: Disadvantages of Digital India in Hindi:

डिजिटल ईंडिया अभियान पर ये निबंध अधूरा होगा अगर हम डिजिटल भारत के नुक्सान पे चर्चा ना करें| जहां तक में देख सकता हूँ, डिजिटल इंडिया मिशन के हानि तो कुछ नहीं है लेकिन हां शॉर्ट-टर्म में डिजिटल इंडिया का नुक्सान ग़रीब ओर कम पढ़े लोगो को होगा क्योंकि उन्हें ये तकनीक समझने में ओर इससे अभियस्त होने मे कुछ वक़्त लग जाएगा|

ग़रीब लोग जिनके पास “android” मोबाइल ही नहीं है, वह “BHIM APP” का लाभ कैसे उठाएंगे?

लेकिन डिजिटल ईंडिया का लाभ और हानि के बारे में चर्चा हो रही है तो हमें ये भी याद रखना चाहिए की कोई भी बड़ा बदलाव एक ही झटके में नहीं होता| वक़्त ओर अभ्यास सब में चाहिए होता है|

आज डिजिटल इंडिया मिशन सफलता की कदम बड़े ही तेज़ रफ़्तार से छु रही है| आइये जानते हें डिजिटल इंडिया की सफलता की कहानी|

डिजिटल इंडिया की सफलता: Success of Digital India in Hindi:

डिजिटल ईंडिया हर रोज़ नई सफलता को चूमती है, इस बात की तो पूरा देश गवाह है|

डिजिटल ईंडिया भारतीयों की जिंदगी में वह परिवर्तन लाने की मिशन है जिससे की हर उपभोक्ता को अपने रोज्मरा जीवन की कई काम पहले से आसान और कम खर्च में निभाने का मौका दे रही है| डिजिटल इंडिया की कई सफल कहानियाँ  हें-

  1. डिजिटल इंडिया प्रोग्राम से देश की हर गाँव को डिजिटल गाँव का रूप मिला:

अब तो डिजिटल इंडिया से सरकार देश की हर गाँव को इन्टरनेट के माध्यम से जोड़ने की काम पर लगे हैं| ये काम करीब 1 साल पहले से शुरु किया जा चूका है| इसके लिए देश की हर गाँव को इन्टरनेट के माध्यम से जोडा जाएगा, जो की देश की टेलिकॉम कंपनी बीएसएनएल को सौंपा जा चूका है की वह इस काम को अपने तकनिकी उपाय से मंजिल दिखाए|  इ-गवर्नेंस की जिल्ला प्रबंधक की माने तो ये कार्य अपने अंतिम कगार तक पहुँच गया है|

  1.   डिजिटल इंडिया प्रोग्राम से कार्य विधि में तेज़ी और सठीकता की एक पहल बन गयी:

डिजिटल इंडिया के जादू से देश की आर्थिक सहर मुंबई के सभी कोर्ट और कार्यालयों से टाइपराइटर की इस्तेमाल को जल्द ही समाप्त किया जायेगा| देश की कार्य व्यवस्था को और तेज़ी रफ़्तार देने के लिए ये नया कदम उठाया जायेगा|

  1.   डिजिटल इंडिया प्रोग्राम से गाडीयों  की आर.सी. करवाने में अब आसानी हुई (डिजिटल इंडिया के लाभ)

अब देश में गाडियों की आर.सी बनाने के लिए घंटों लाइन में खड़े होने की जरुरत नहीं है| क्यूंकि डिजिटल इंडिया के कारण अब आर.सी बस कुछ मिनटों में ऑनलाइन बन जायेगी जिससे समय की काफी बचत हुई| ये देश वासीओं के लिए एक वरदान है |

जानिए कितना सफल रहा डिजिटल इंडिया? डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट कैसे चल रहा है?

डिजिटल इंडिया मिशन हर दिन नयी ऊँचाइओं को छूने की कगार पर पहुँचने की तो हम सब रोज देख रहे हें, लेकिन क्या ये सिलसिला यूँ ही बढेगा, या इसके तरीकों में बदलाव की सख्त जरुरत है? आइए जानते हैं |

डिजिटल इंडिया को देश भर से अच्छी रेस्पोंस मिल रही है| इस मुहीम को गाँव और सहर दोनों वातावरण में काफी सराया गया है| गाँव की ज्यादा से ज्यादा लोग आज कल इन्टरनेट की व्यवहार करने में जूट गए हें| कहा ये भी जा रहा है की अगर गाँव में   डिजिटल इंडिया को इसी तरह से प्रोत्साहन मिलता रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब गाँव की लोगों की इन्टरनेट व्यवहार की संख्या सहरी संख्या को पीछे छोड़ जायेगा |

डिजिटल इंडिया के प्रोग्राम को अभी भी पूरी तरह से सफलता हासिल करने के लिए बहोत सी मुश्किलों का सामना करना पड रहा है | आज भी देश के ज्यादातर लोग अनपढ़ हैं जो डिजिटल इंडिया की बढोत्तरी में सबसे बड़ा रुकावट साज़ रहा है| साइबर थ्रेट के कारण भी डिजिटल इंडिया की मुस्किलें बढ़ने लगी है| और इस मुहीम की सबसे बड़ी रुकावट है देश की राजनीति, जिससे की देश की ओप्पोसिसन पार्टी हर नए योजना या सिस्टम को नकारात्मक घोषित करके देश की बढोत्तरी में रुकावट बन रहे है|

डिजिटल इंडिया से इन्टरनेट के प्रयोग में भारी मात्र में बढ़ोत्तरी हुई है| लेकिन आज भी हमारे देश के करीब ३७ फिशादी लोग अनपढ़ हैं, और करीब 90 करोड़ लोगों के पास स्मार्ट फ़ोन की उपलबधी नहीं है| देश के टेंडर व्यवस्था में इ-टेंडर का माहोल बनाने पर सरकार ने कमर कस ली है| लेकिन इ-टेंडर या कहें इ- गवर्नेंस लोगों की परेशानी तो ख़त्म कर सकती है, लेकिन क्या इससे भ्रष्टाचार खत्म होगा इसका कोई पर्याप्त प्रमाण है| कानूनी नियम की देखें तो 2 लाख से ऊपर की खरीद के लिए इ-टेंडर जारी करना होता है, लेकिन देश की कई जगहों से तो ये भी आरोप आ रहा है की बिना टेंडर से ही ठेके बांटा जा रहा है|

कहा जा रहा है की देश में डिजिटल हवा का लहर छा रहा है, लेकिन सच तो ये भी है की देश की कई हिस्सों में आज भी मोबाइल फ़ोन का सिग्नल तक नहीं पहुँच पाया है, और स्थान कुछ ऐसे भी हैं जहां सिग्नल तो पहुँचता है लेकिन इस पर भरोषा करना बेवकूफी होगी| देश की कई हिस्सों में मरीजें कम से कम सरकारी एम्बुलेंस को खबर तक नहीं कर पाते हैं जिससे की राज्य में हर साल कई मात्र में लोगों की मौत भी होने की खबर हम रोज़ अखबारों में पढ़ते हैं|

हम मानते हैं की सरकार इन सारे परिस्तिथियों से अवगत है और इसका समाधान करने के लिए कई प्रकार की कदम भी उठा रही है, लेकिन अभी डिजिटल इंडिया जैसी एलानो को हम पूरी तरह से सफल नहीं कह सकते| लेकिन हम सब की मिली-भगत से वह दिन दूर नहीं जब डिजिटल इंडिया जैसी स्कीम से हम सब को फायदा मिलेगा और हम गौरव से देश को डिजिटल देश कहेंगे|

लेकिन इतनी सफलताओं के बावजूद, आज भी डिजिटल इंडिया के सामने कई चुनौतियां हें| डिजिटल इंडिया की सफलता में कोई सवाल्या निशाँ है, लेकिन आने वाले वक़्त में सरकार को इस मुहीम पे और मेहनत करना होगा|

डिजिटल इंडिया के सामने मुश्किल चुनौतीयां? Challenges Before Digital India Mission:

डिजिटल इंडिया भारत सरकार की आस्वस्नात्मक योजना है|  इ-कॉमर्स डिजिटल इंडिया प्रोग्राम को सुगम बनाने में मदद करेगा| कई कानूनी सलाहकारों की माने तो बिना साइबर सुरक्षा के डिजिटल इंडिया व्यर्थ है |

डिजिटल इंडिया को सफल बनाने  के लिए हर कार्यालयों की कर्मियों को उचित तालीम प्रदान करना अनिवार्य है |

डिजिटल इंडिया के कई बड़ी चुनौतियां है | जैसे की

  1. देश की इन्टरनेट स्पीड डिजिटल इंडिया के लिये एक बड़ी बाधा बनी :

देश की कई हिस्सों में इन्टरनेट स्पीड की बड़ी मुसीबत है जो की डिजिटल इंडिया को उन इलाकों में बढ़ने नहीं दे रही है| इस तरह से कहीं न कहीं इस प्रोजेक्ट के लिए एक बड़ी बाधा साबित हो रही है |

    2. देश की तकनिकी कमी की कारण सुरक्षा पर खतरा लहरा रही है :

देश की कंप्यूटर तथा सूचना प्रणाली इन्टरनेट से जुडी है | इन पर विदेशी कम्पन्यों की आधिपत्य है, जो की डिजिटल इंडिया के सफलता पर एक सवाल-इ-निसान लगा दे रही है | इसके लिए  देश को चाहिए स्वदेशी तकनिकी नियंत्रण जो की देश की तथ्य को बाहरी देशों की तकनीक से दूर रखे, ताकि देश में सुरक्षा की एक वातावरण बने |

   3.बच्चों पर इन्टरनेट की व्यवहार की आजादी पर ख़तरा के चलते डिजिटल इंडिया पर मुस्किल लहराई :

देश की बच्चों को डिजिटल इंडिया के कारण इन्टरनेट से जुड़ने की मुहीम और उनके इन्टरनेट व्यवहार पर आजादी भी हमें एक बार फिर डिजिटल इंडिया के बारे में सोचने के लिए मजबूर कर दे रहा है | आज कल बच्चे इन्टरनेट पर पढ़ाई करने के लिए उसकी इस्तेमाल करते हें| लेकिन इन्टरनेट जो की दुनिया भर की जानकारी को हम तक उपलब्ध करा रही है, वह बच्चों को अपनी मतलब और बेमतलब जानकारी की जाल में फसाने में कई बार सख्यम भी होते हम सब ने देखा है|

    4. देश में बिजली की परेशानी भी डिजिटल इंडिया की सफलता में एक रुकावट है :

आजादी की इतने वर्षों बाद भी हमारे देश की कई हिस्से आज भी बिजली को एक सपने की तरह देख रहे हें| बिजली की परेशानी भी डिजिटल इंडिया के खिलाफ खड़ी एक रुकावट है| बिना बिजली के देश में प्रगति का सपना देखना बेवजह और बेमतलब है| सीधी बात है की बिना बिजली के इन्टरनेट चल नहीं पायेगा जो की सीधा डिजिटल इंडिया पर अपना असर दिखायेगा| जरुरत है की देश की सरकार को देश की हर गाँव को बिजली उपलब्धि कराये|

डिजिटल इंडिया निबंध in हिंदी के सारांश in 5 lines : Digital India Mission Summary

डिजिटल इंडिया भारत सरकार के बहुउपयोगी कदम है जो की आगे चल के देश की हर कार्यालयों की काम काज में सहजता और आसानी लाने की एक बड़ी पहल है | इससे देश की विकास में अपना अमूल्य योगदान है | ये नागरिकों को डिजिटल सशक्त बनाने में अहम् भूमिका निभा रही है|

आज डिजिटल इंडिया कैंपेन के कारण देश को काफी लाभ मिला है, जैसे की कई सरकारी ऑफिस में डिजिटाईसेसन के कारण काम ने रफ़्तार पकड़ी है, काम काज में निर्भुलता की लहर झलक रही है| और सबसे अहम् की सरकारी बाबुओं की चोरी-कमाई में अब ताला पड़ने की दिन आ गई है जो की कई गरीबों को एक बड़ी राहत देने में सफल प्रयास है|

तो आइऐ हम सब मिल के देश की डिजिटल इंडिया प्रोग्राम में हिस्सा ले के देश के प्रति अपना फ़र्ज़ निभाएं और ज्यादा से  ज्यादा डिजिटाईसेसन को अपने जिंदगी का हिस्सा बनाएं |

क्या आप हमारे डिजिटल इंडिया पर निबंध की आर्टिकल से खुश हैं? अगर आप भी डिजिटल इंडिया के बारे में अपना कोई सोच रखना चाहते हें, तो निचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरुर दें, और इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा लोगों में शेयर करें, ताकि देश में डिजिटाईसेसन की लहर बन जाए और हमें एक आसान और तेज़ गति ज़िन्दगी जीने में मददगार हो |

Categories: 1

0 Replies to “Make In India In Hindi Essay In Hindi”

Leave a comment

L'indirizzo email non verrà pubblicato. I campi obbligatori sono contrassegnati *